RAJASTHANI KHOBA
Title: Traditional Rajasthani Khoba Roti Recipe – A Rustic Delight
Introduction Rajasthani Khoba Roti is a unique and traditional Indian bread known for its thick texture and beautiful pinched pattern on the surface. This rustic, crispy, and flavourful roti is typically served with ghee, dal, or sabzi. The name "Khoba" means "indentations," which are made on the roti to help it cook evenly and absorb the richness of ghee. Let’s dive into this authentic recipe and bring the flavours of Rajasthan to your kitchen!
Ingredients:
2 cups whole wheat flour
½ teaspoon salt
½ teaspoon ajwain (carom seeds)
2 tablespoons ghee (for kneading)
Water (as required, for kneading)
¼ cup ghee (for roasting and serving)
Instructions:
Prepare the Dough: In a mixing bowl, combine whole wheat flour, salt, and ajwain. Add 2 tablespoons of ghee and mix well. Gradually add water and knead into a firm dough. Cover and let it rest for 15-20 minutes.
Shape the Roti: Divide the dough into equal portions. Roll out a thick roti (about ½ inch thick). Using your fingers, pinch the surface of the roti to create indentations all over. This traditional design enhances its texture and allows even cooking. For more flavour I have added kasuri methi on top of the roti but it is optional.
Cook the Roti: Heat a tawa (griddle) on low-medium flame. Place the roti on the tawa and cook for about 2 minutes until the bottom is slightly golden. Flip the roti and cook the other side similarly.
Roast on Open Flame: Once both sides are partially cooked, transfer the roti to an open flame and roast it evenly while turning it occasionally. This gives it a crisp and slightly charred texture.
Final Touch: Once done, place the roti on a plate and generously apply ghee over it. Serve hot with dal, sabzi, or chutney.
Serving Suggestions:
Enjoy Khoba Roti with dal baati, garlic chutney.
Pair it with jaggery (gud) and ghee for a traditional touch.
Conclusion Khoba Roti is a testament to Rajasthan’s rich culinary traditions, offering a delightful combination of crispiness and deep, earthy flavors. Whether paired with dal, chutney, or jaggery, this roti is sure to bring warmth and authenticity to your dining table. Try this recipe and enjoy a taste of Rajasthan’s heritage in every bite!
HINDI VERSION
पारंपरिक राजस्थानी खोबा रोटी रेसिपी
परिचय
राजस्थानी खोबा रोटी एक अनोखी और पारंपरिक भारतीय रोटी है, जो अपनी मोटी बनावट और सुंदर चुटकीदार डिज़ाइन के लिए जानी जाती है। यह देहाती, कुरकुरी और स्वादिष्ट रोटी आमतौर पर घी, दाल या सब्जी के साथ परोसी जाती है। "खोबा" का अर्थ होता है "गड्ढे," जो रोटी पर बनाए जाते हैं ताकि यह समान रूप से पके और घी को अच्छी तरह से सोख सके। आइए इस प्रामाणिक रेसिपी को जानें और राजस्थान के स्वाद को अपनी रसोई में लाएं!
आवश्यक सामग्री:
2 कप गेहूं का आटा
½ टीस्पून नमक
½ टीस्पून अजवाइन
2 टेबलस्पून घी (गूंथने के लिए)
आवश्यकता अनुसार पानी (गूंथने के लिए)
¼ कप घी (सेकने और परोसने के लिए)
विधि:
1. आटा तैयार करें:
एक मिक्सिंग बाउल में गेहूं का आटा, नमक और अजवाइन डालें। उसमें 2 टेबलस्पून घी डालकर अच्छी तरह मिलाएं। धीरे-धीरे पानी डालकर एक सख्त आटा गूंथ लें। इसे 15-20 मिनट के लिए ढककर रख दें।
2. रोटी का आकार दें:
आटे को बराबर भागों में बांट लें। एक मोटी रोटी बेलें (लगभग ½ इंच मोटी)। अपनी उंगलियों की मदद से रोटी की सतह पर चुटकी से गड्ढे बना लें। यह पारंपरिक डिज़ाइन इसकी बनावट को बेहतर बनाता है और इसे समान रूप से पकाने में मदद करता है। अधिक स्वाद के लिए, आप ऊपर से कसूरी मेथी भी डाल सकते हैं, लेकिन यह वैकल्पिक है।
3. रोटी पकाएं:
मध्यम आंच पर तवा गरम करें। रोटी को तवे पर रखें और 2 मिनट तक पकाएं जब तक कि नीचे का हिस्सा हल्का सुनहरा न हो जाए। फिर रोटी को पलटें और दूसरी तरफ भी इसी तरह पकाएं।
4. खुली आंच पर सेकें:
जब दोनों तरफ हल्का पक जाए, तो इसे सीधी आंच पर रखें और समय-समय पर घुमाते हुए चारों ओर अच्छी तरह से सेंक लें। इससे यह कुरकुरी और हल्की जली हुई बनावट प्राप्त करेगी।
5. अंतिम स्पर्श:
रोटी तैयार होने के बाद इसे एक प्लेट में रखें और इस पर पर्याप्त मात्रा में घी लगाएं। इसे गरमागरम दाल, सब्जी या चटनी के साथ परोसें।
परोसने के सुझाव:
खोबा रोटी को दाल बाटी, लहसुन की चटनी के साथ आनंद लें।
इसे गुड़ और घी के साथ मिलाकर एक पारंपरिक स्वाद प्राप्त करें।
निष्कर्ष
खोबा रोटी राजस्थान की समृद्ध पाक परंपराओं का प्रमाण है, जो कुरकुरेपन और मिट्टी की गहरी सुगंध का अद्भुत संयोजन प्रदान करती है। चाहे इसे दाल, चटनी या गुड़ के साथ खाया जाए, यह रोटी निश्चित रूप से आपके खाने की मेज पर पारंपरिक स्वाद और गर्माहट लाएगी। इस रेसिपी को आजमाएं और हर बाइट में राजस्थान की विरासत का आनंद लें!
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